Shuddh, Chhayalag and Sankirn raag शुद्ध, छायालग और संकीर्ण राग

Since ancient times, there have been many attempts to divide ragas into different parts. This is one of those.

Shuddh Raag

The raga which does not have the shadow of a raga is called Pure Raag (Shuddh Raag).

Chhayalag and Sankirn Raag

A mixture of only two Ragas, is called Chhayalag Raag. And a mixture of more than 2 ragas is called Sankirn Raag.

Bilawal, Yaman, Todi etc are Shuddh Raag. Puriya-Dhanashri, Bhairav-Bahar are Chhayalag Raag and Bhairavi, Pilu are called Sankirn Raag.


प्राचीन काल से रागों को विभिन्न भागों में विभाजित करने के अनेक प्रयास हुए हैं। यह उनमें से एक है।

शुद्ध राग

जिस राग में किसी राग की छाया नहीं आती है वह शुद्ध कहलाता है।

छायालग और संकीर्ण राग

जिसमें केवल दो रंगों रागों का मिश्रण हो वह छायालग कहलाता है। और जिसमें 2 से अधिक रागों का मिश्रण हो वह संकीर्ण राग कहलाता है।

बिलावल, यमन, तोड़ी आदि शुद्ध राग हैं। पूरिया-धनश्री अथवा भैरव-बाहार छायालग और भैरवी, पीलू आदि राग को संकीर्ण कहते हैं।


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