What is Swar-Malika स्वर-मालिका क्या है

Swar Malika

The rhythmic composition of the swaras used in the raga is called Swar Malika.

Swar Malika can be in every raga and is in the Madhya Lay. It is also called Sargam. Its main purpose is to teach swara and raga to the elementary students.

Just like the Swar Malika of Sthai is given in the raga Khamaj below, see and understand.


स्वर मालिका

राग में प्रयोग किए गए स्वरों की तालबद्ध रचना को स्वर मालिका कहा जाता हैं।

स्वर मालिका हर राग में हो सकती है और मध्य लय में  होती हैं। इसको सरगम भी कहते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य प्रारंभिक विद्यार्थियों को स्वर और राग ज्ञान कराना होता है।

जैसे नीचे राग खमाज मे स्थाई का स्वर मालिका दिया गया है देखिए और समझिए।


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