What is Alaap अलाप क्या है

Alaap

When we enlarge the swar of any Raag in a slow rhythm (called bilambit lay), then it is called Alaap. There is also the use of Meend, Khatka, Murki, Gamak etc. as required in the alaap.

In the singing

In the singing, the Alaap is done in two different ways. “Akaar” In the first form and in the second form “Nom-Tom Tana Dere Na Ri Re Yali Yala” is done in the words. The first one is called the Akaar Alaap and the other is called the Alaap of Nom-Tom.

The Alaap of Nom-Tom

The Alaap of Nom-Tom is divided into four parts – Sthai, Antara, Sanchari, and Aabhog. Songs are started after Alap singing and this is where the use of Tabla is also started.

The Alaap between the songs is small in size and it is divided into four parts. After each Alaap, the singer Song and the player Gat on to the tabla. Some singers sing a little bit before the song. He believes that in the first expansion of the song, it should only be as eloquent as to clarify the raga.


आलाप

किसी भी राग के स्वरों को जब हम विलंबित लय में विस्तार करते हैं तो उसे आलाप कहते हैं। आलाप में आवश्यकतानुसार मींड, खटका, मूर्की, गमक आदि का भी प्रयोग होता है।

गायकी में

गायकी में आलाप दो प्रकार से किया जाता है। पहला आकार में और दूसरा नोम-तोम ताना देर ना री रे ॐ दे यली यला आदि शब्दों में किया जाता है। पहले वाले को आकार का आलाप और दूसरे को नोम-तोम का आलाप कहते हैं।

नोम-तोम के आलाप

नोम-तोम के आलाप को चार भागों में विभाजित किया गया है- स्थाई, अंतरा, संचारी, और आभोग। आलाप गाने के बाद गीत या गत आरंभ किया जाता है और यहीं से तबले का प्रयोग भी शुरू होता है।

गाने के बीच का आलाप आकार में छोटा होता है और इसे कई भागों में विभाजित कर दिया जाता है। प्रत्येक आलाप के बाद गायक गीत और वादक गत पकड़ कर तबले से मिल जाता है। कुछ गायक गीत के पहले थोड़ा बहुत अलाप करते हैं। उनका मानना है कि गीत के पहले विस्तार में केवल उतना ही आलाप करना चाहिए जितना की राग को स्पष्ट करने में पर्याप्त हो।


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