List of all Basic ragas You Should learn first बेसिक राग कौन कौन से हैं

There are some basic ragas

There are some basic ragas or raags that you should learn first. When we learn music at beginning time we should make our voice clear to sing. Its not like that we will practice for 10 days and will get the raag or bandish. We should practice regularly for 8 to 1 months to make our voice better for singing. We shall practice paltas or alankars, whom I have names ‘Basic singing lessons for beginners’ that you should practice first then you should go for raag.


सभी लोगों को सीखना चाहिए

कुछ राग हैं जो सभी लोगों को सीखना चाहिए।
राग सीखने के पहले कुछ बेसिक है जो पहले सिख के गले को तैयार किया जाता है फिर आप राग गाने लायक गला बनके फिर राग सीखना शुरू करना चाहिए।
जैसे सबसे पहले पलटा अलंकार का रियाज़ पूरे अच्छी तरीके से करके ही राग सीखने की ओर बढ़ना चाहिए।

मैने सबसे पहले पलटा अलंकार सीखा, कम से कम दो साल तो लग जाते हैं अच्छे से सीखने मे पलटा सभी समाप्त करने में।
ये पलटा अलंकार का रियाज़ करना बहुत ज़रूरी है जिससे आपका गले में गायकी आयेगी, इसके बिना रियाज़ के आप कोई भी गाना सही ढंग से नही गा सकते हैं, मैं ये भी बता दूं की अगर आप पलटा रियाज़ नही करेंगे तो आपका गला भी गाने लायक नही बनेगा।
तो मैने ये पलटा अलंकार का रियाज़ समाप्त करके सबसे पहले राग यमन सीखना शुरू किया जैसे मेरे गुरु ने बताया मुझे मैं वैसे ही सीखता चला गया।
सबसे पहले राग यमन सीखना चाहिए, फिर आप पूरिया धनश्री, बिहाग, भैरव, अहिर भैरव इत्यादि ये सभी रागों से सीखना शुरू करना चाहिए।
सीखते वक़्त एक और बात का ख़याल रखना होगा की आपके गुरु पहले क्या सीखा रहे हैं, अगर वो सीधे कुछ दीनो के बाद ही अगर राग की बंदिश शुरू करेंगे तब ये ग़लत तरीका है, पहले पलटा अलंकार सब समाप्त करने के बाद कम से कम १ साल बाद ही राग सीखना शुरू करना चाहिए।


Some basic ragas

There are some basic ragas that i have learnt

  1. Rag Yaman यमन (or Kalyan कल्याण) drut bandish then khayal
  2. Raag Puriyadhanashri पूरिया धनश्री (first drut bandish then bilambit khayal)
  3. Raag Malkosh मालकोष or Malkauns (first drut bandish then bilambit khayal)
  4. Raag Todior Miya ki Todi मिया की तोड़ी (made by Sangeet samrat Tansen)
  5. Raag Bilashkhani todi बिलाशखानी तोड़ी ( made by son of Tansen named Bilash khan )
  6. Raag Ahir bhairav अहिर भैरव ( drut + bilambit bandish )
  7. Raag Puriya पूरिया ( drut + bilambit bandish )
  8. Raag Madhubanti मधुबंती ( drut bandish + bilambit )
  9. Raag Bihag बिहाग ( drut bandish + bilambit )
  10. Raag Bhimpalashri or Bhimpalashi भीमपलाश्री ( drut bandish + bilambit )
  11. Raag Kafi काफ़ी (drut bandish)
  12. Raag Durga दुर्गा (Madhyalay bandish)
  13. Raag Nat Bhairav नट भैरव
  14. Raag Desh देश
  15. Raag Bairagi बैरागी
  16. Raag Bhairav भैरव
  17. Raag Suddh Sarang शुद्ध सारंग
  18. Raag Brindavani Sarang बृंदावणी सारंग
  19. Raag Bhatiyar भाटियार

Learning

If you have learnt the bandish related to ragas then it is not sufficient for know ragas, the main thing is to learn khayal gayaki of ragas then you will be able to understand the identification of ragas.

सीखना

अगर आप सिर्फ़ राग की बंदिश सिख लिए हैं तो इससे आप राग के बारे कुछ ज़्यादा नही समझ पाएँगे, अगर राग को सही तरीके से समझना और जानना है तो राग का ख़याल गायकी सीखिए जिससे आपको राग की पहचान चलन विस्तार सब मालूम हो सकेगा।


How to learn singing संगीत सीखने का आसान तरीका First basic lesson

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राग सीखने का सही तरीका


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