Definition of Song and its type गीत की परिभाषा और उसके प्रकार

Song

The beautiful composition of vocal and rhythm or rhythmic words is called a song. The words of the song are both meaningful and meaningless. The words of bhajan, thumri and khayal are meaningful.

Tarana

The words of Tarana are meaningless, such as nom, tom, tanan, dere etc. Ustad Amir Khan said that the words of Tarana are taken from the Arabic-Persian language and they also have meaning.

Ancient song

There were four parts of the ancient Dhrupad song – Sthai, Antara, Sanchari and Aabhog. Nowadays, four parts of Vell Dhrupad are rarely gone. There are other types of songs in addition to Dhrupad, such as Khayal, Tarana, Thumri etc. All these songs contain only two parts, Sthai and Antara. The Sthai of song remains in the notes of the Lower and Middle octave. The Antara of the song lives in the Middle and the High octave.

Modern time

There are several types of songs in modern times that are very popular. Like Dhrupad, Dhhamar, Khayal, Thumri, Tappa, Tarana, Chaturang, Lakshan Geet, Bhajan, Qawwali, Dadra, Sagam or Swar Malika etc.


गीत

स्वर और लय या ताल बद्ध शब्दों की सुंदर रचना को गीत कहते हैं। गीत के शब्द सार्थक और निरर्थक दोनों होते हैं। भजन, ठुमरी और खयाल के शब्द सार्थक होते हैं।

तराना

तराने के शब्द निरर्थक होते हैं, जैसे नोम, तोम, तनन, देरे आदि। उस्ताद आमिर ख़ाँ का कहना था की तराना के शब्द अरबी-फ़ारसी भाषा से लिया गया है और इनका भी अर्थ होता है।

प्राचीन गीत

प्राचीन ध्रुपद गीत के चार भाग होते थे – स्थाई, अंतरा, संचारी और अभोग। आजकल चार भाग वेल ध्रुपद बहुत कम गये जाते हैं। ध्रुपद के अतिरिक्त गीत के और भी प्रकार होते हैं, जैसे- ख्याल, तराना, ठुमरी आदि। इन सभी गीतों में दो ही भाग होते हैं, स्थाई और अंतरा। गीत की स्थाई मंद्र और मध्य सप्तक के स्वरों में रहता है। गीत का अंतरा मंद्र और तार सप्तक में रहता है।

आधुनिक काल

आधुनिक काल में गीत के कई प्रकार हैं जो बहुत प्रचलित है। जैसे ध्रुपद, धमार, ख्याल, ठुमरी, टप्पा, तराना, चतुरंग, लक्षण गीत, भजन, कव्वाली, दादरा, सरगम या स्वर मालिका आदि।


Thumri, Ghazal, Khayal bandish difference with Lay Taal intro


error: Content is protected !!