What is Chalan and Pakad of a Raag राग की चलन और पकड़ क्या होती है

Pakad

Small swar group by which Raag is identify, is called Pakad. Like – ni re ga, re ga ma pa re, ni re sa, it is the identity of Raag Yaman. Each Raag has different Pakar. Raga’s Pakar is used repeatedly in singing.


पकड़

वह छोटा से छोटा स्वर समूह जिससे राग की पहचान होती है उसे पकड़ कहते हैं। जैसे- नि रे ग, रे ग मे प रे, नि रे सा, ये राग यमन का पकड़ है, इससे राग यमन की पहचान होती है। प्रत्येक राग की पकड़ अलग-अलग होती है। गाने बजाने में राग के पकड़ को बार-बार प्रयोग किया जाता है।


Chalan

Every raga has its own Chalan. Chalan means the way. In the raga, the swaras are sung according to its Chalan. In any raga, we cannot sing the swaras as we wish. There is a way to sing swaras in every raga. This method or way of singing swaras is called Chalan.


चलन

हर राग का अपना एक चलन होता है। चलन मतलब रास्ता। राग में स्वरों को उसके चलन के अनुसार ही गाया जाता है। किसी भी राग में हम अपनी मर्जी से जैसे दिल करे वैसे स्वरों को नहीं गा सकते हैं। हर राग में स्वरों को गाने एक तरीका होता है। स्वर गाने के इसी तरीके या रास्ते को चलन कहते हैं।


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