First Practice
First of all, the practice of Shuddh Swaras is started. Which comes in Bilawal Thaat. After practicing Shuddh Swaras properly, gradually 10 Thaats are taught. The main raga of the 10 Thaats is taught first. Like Raga Bilawal is the main raga of its Thaat. Raga Bhairav is the main raga of its Thaat. In this way, every raga in Bilawal thaat is taught.
But after teaching Raga Bilawal, we teach Raga Bhairav. Because in Raga Bhairav, Re and Dha are Komal, so we start by changing the swaras a little so that the Komal Swar can be identified. Otherwise, we teach Raga Yaman because Tivra Ma is used in it. So it is easy to understand the Tivra Ma.
According to the Swaras of Thaat
Similarly, by practising your Palta Alankar lesson according to the swaras of the Thaat, you start understanding the Sur (Swar). Meaning, whatever we used to practice for Shuddh Swaras earlier, we will practice the same for Kalyan Thaat using Tivra Ma. This will help us identify the Tivra Ma. Similarly, to practice Bhairav Thaat, we will practice all the lessons by Komal ‘Re’ and ‘Dha’. I teach in this way.
सबसे पहले का अभ्यास
सबसे पहले शुद्ध स्वरों का अभ्यास शुरूआत किया जाता है। जो बिलावल थाट में आता है। शुद्ध स्वर का अभ्यास सही ढंग से होने के बाद धीरे-धीरे 10 थाट सिखाते हैं। 10 थॉटों का जो मुख्य राग है उसको सबसे पहले सिखाते हैं। जैसे राग बिलावल अपने थाट का प्रमुख राग है। राग भैरव अपने थाट का प्रमुख राग है। ऐसे करके बिलावल थाट में जो जो राग है उसको सिखाया जाता है।
लेकिन राग बिलावल सिखाने के बाद हम राग भैरव सिखाते हैं। क्योंकि राग भैरव में रे और ध कोमल होता है इसलिए स्वर को थोड़ा बदल कर हम लोग शुरुआत करते हैं ताकि सुर की पहचान हो जाए। नहीं तो फिर राग यमन सिखाते हैं क्योंकि इसमें तीव्र म का उपयोग होता है। तो तीव्र म को समझने में आसानी होती है।
थाट के सुरों के अनुसार
ऐसे ही थाट के सुरों के अनुसार जो भी आपका पल्टा अलंकार का लेसन है उसका अभ्यास करते करते सुर की समझ आने लगती है। मतलब जो अभ्यास हम शुद्ध स्वरों का पहले करते थे कल्याण थाट के लिए तीव्र म का प्रयोग करके वही अभ्यास करेंगे। इससे तीव्र म की पहचान हो जाएगी। ऐसे ही भैरव थाट का अभ्यास करने के लिए रे और ध कोमल करके सभी लेसन की प्रैक्टिस करेंगे। मैं इस तरह से सिखाती हूं।