Naad and Raao नाद और राव

Definition

The melodious sound in music is called Naad. The sound that is not melodious is called Rao. Apart from the musical sound, all the sounds come to Rao which is also called Noise.

Explanation

Rao’s field is huge because in the scientific definition all sounds are included in it except music.

In Rao, different types change very quickly – and because of their eclipse in this form, they do not like the ears.

In contrast, there is no harmony in the sound of music. Its movement is regular, that is why it is heard sweetly.


परिभाषा

संगीत में मधुर ध्वनि को नाद कहते हैं। जो ध्वनि मधुर नहीं होती उसे राव कहते हैं। संगीत ध्वनि या नाद के अतिरिक्त सभी ध्वनियां राव में आ जाती हैं जिन्हें शोर भी कहा जाता है।

व्याख्या

राव का क्षेत्र बहुत बड़ा है क्योंकि वैज्ञानिक परिभाषा में संगीत के अतिरिक्त सभी ध्वनियों का इसमें समावेश हो जाता है।

राव में भिन्न प्रकार की बहुत शीघ्रता से बदलती रहती हैं- और इस रूप में उनका ग्रहण होने के कारण वे कान को अच्छा नहीं लगता हैं।

इसकी विपरीत संगीत की ध्वनि में कोई समरसता पाई जाती हैं। इसका आन्दोलन नियमित रहता हैं इसीलिए यह मधुर सुनाई देता है।


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