What is Matra मात्रा क्या है

For measuring anything, gram, kilometer, centimeter, hour, minute, seconds etc. have been made. Similarly, the Matra has been made for measuring time in music.

The time between two claps is called a Matra. On the basis of length of Matra, the types of Lay are formed. When the length of the Matra is high i.e., when the period between the two claps is large, then it is called a Bilambit. When the length of the Matra is simple, then it is called a Madhya, when it is less than simple it is called Drut.

The Bada Khayal is sung in the Bilambit lay. Chhota khayal and Tarana are sung in Madhya and Drut lay.


जैसे किसी भी चीज को नापने के लिए ग्राम किलो मीटर सेंटीमीटर घंटा मिनट सेकंड इत्यादि बनाए गए हैं। उसी प्रकार संगीत में समय नापने के लिए मात्रा बनाई गई है।

दो तालियों के बीच का समय एक मात्रा कहलाता है। मात्रा की लंबाई के आधार पर लय के प्रकार बनते हैं। जब मात्रा की लंबाई अधिक होती है अर्थात जब दो तालियों के बीच की अवधी बड़ी होती है तो उसे विलंबित लय कहते हैं। जब मात्रा की लंबाई साधारण होती है तो उसे मध्य और जब साधारण से कम होती है तो उसे द्रुत लय कहते हैं।

बड़ा ख्याल विलंबित लय में गाया जाता है। छोटा ख्याल और तराना मध्य लय या द्रुत लयों में गाया जाता है।


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